
मैं बालक तू माता शेरां वालिए: भजन (Main Balak Tu Mata Sherawaliye)
मैं बालक तू माता शेरां वालिए, है अटूट यह नाता शेरां वालिए । शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ, मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ

मैं बालक तू माता शेरां वालिए, है अटूट यह नाता शेरां वालिए । शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ, मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा । दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥ शेरांवाली, जोतांवाली, मेहरांवाली माँ । आ माँ आ

जिसने राग-द्वेष कामादिक, जीते सब जग जान लिया सब जीवों को मोक्ष मार्ग का, निस्पृह हो उपदेश दिया, बुद्ध, वीर जिन, हरि, हर ब्रह्मा या

नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा, डम डम डमरू बजाना होगा । हम भक्तों को दरश दिखाना होगा, नाकोड़ा के भैरव तुमको आना होगा ॥

तुम से लागी लगन, ले लो अपनी शरण, पारस प्यारा, मेटो मेटो जी संकट हमारा । निशदिन तुमको जपूँ, पर से नेह तजूँ, जीवन सारा,

शरण हनुमत की जो आया, उसे पल में संभाला है, सामने आई जब बाधा, अंजनीसुत ने टाला है, शरण हनुमत की जों आया, उसे पल

हे राम भक्त हनुमान जी, मुझे ऐसी भक्ति दो, चरणों की सेवा कर सकूँ, प्रभु ऐसी शक्ति दो, हे राम भक्त हनुमान जी कारज सवारन
