
हे राम, हे राम – भजन (Hey Ram, Hey Ram !)
हे राम, हे राम जग में साचो तेरो नाम हे राम, हे राम तू ही माता, तू ही पिता है तू ही माता, तू ही

हे राम, हे राम जग में साचो तेरो नाम हे राम, हे राम तू ही माता, तू ही पिता है तू ही माता, तू ही

वनवास जा रहे है, रघुवंश के दुलारे, हारे है प्राण जिसने, लेकिन वचन ना हारे, वनवास जा रहे हैं, रघुवंश के दुलारे ॥ जननी ऐ

केवट ने कहा रघुराई से, उतराई ना लूंगा हे भगवन, उतराई ना लूंगा हे भगवन, केवट ने कहा रघुराईं से, उतराई ना लूंगा हे भगवन

जय जयकार माता की, आओ शरण भवानी की एक बार फिर प्रेम से बोलो जय दुर्गा महारानी की जय दुर्गा महारानी की पहली देवी शैलपुत्री

कब सुधि लोगे मेरे राम, मैं तो नैन बिछाई तेरी राह में, कब सुध लोगे मेरे राम ॥ नित उठ भोर को, डगर बुहारूं, मैं

मेरे तन में भी राम, मेरे मन में भी राम, रोम रोम में समाया तेरा नाम रे, मेरी सांसो में तेरा ही नाम रे ॥

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ । हे दरबारा वाली आरती जय माँ ।
