
मुझे रंग दे ओ रंगरेज: भजन (Mujhe Rang De O Rangrej)
मुझे रंग दे ओ रंगरेज, चुनरिया सतरंगी, मुझे रंग दे ओ रंगरेज, चुनरिया सतरंगी, मैया को जाके ओढ़ाऊँ, चुनरिया सतरंगी ॥ चुनरिया सतरंगी, जय माँ

मुझे रंग दे ओ रंगरेज, चुनरिया सतरंगी, मुझे रंग दे ओ रंगरेज, चुनरिया सतरंगी, मैया को जाके ओढ़ाऊँ, चुनरिया सतरंगी ॥ चुनरिया सतरंगी, जय माँ

मैया को अपने घर बुलाएंगे, सारे मिलकर माँ का लाड़ लड़ाएंगे ॥ सोने की झारी में, गंगा जल मंगवाया, मैया के स्वागत में, चन्दन चौक

सीता विवाह के समय माता सीता के द्वारा गया गौरी पूजा भजन गीत, जोकि माता पार्वती को समर्पित है। पूजन गौरी चली सिया प्यारी पूजन

हम वन के वासी, नगर जगाने आए ॥ दोहा – वन वन डोले कुछ ना बोले, सीता जनक दुलारी, फूल से कोमल मन पर सहती,

मेरा तो बस एक सहारा, राम ए माँ, लागे सबते प्यारा, मेरा राम ए माँ, लागे सबते प्यारा, मेरा राम ए माँ ॥ कलयुग के

राम नाम का प्याला प्यारे, पि ले सुबहो शाम, राम राम राम, सीताराम राम राम, राम राम राम, सीताराम राम राम ॥ राम नाम जो

ऊधम ऐसा मचा ब्रज में, सब केसर रंग उमंगन सींचें चौपद छज्जन छत्तन, चौबारे बैठ के केसर पीसें । भर पिचकारी दई पिय को, पीछे
