
विसर्जन को चलीं रे, चली रे मोरी मैया: भजन (Visarjan Ko Chali Re Chali Mori Maiya)
विसर्जन को चली रे, चली रे मोरी मैया, विदाई से आज मोरी, विदाई से आज मोरी, भर आई है अखियां, विसर्जन को चलीं रे, चली

विसर्जन को चली रे, चली रे मोरी मैया, विदाई से आज मोरी, विदाई से आज मोरी, भर आई है अखियां, विसर्जन को चलीं रे, चली

माँ की लाल रे चुनरिया, देखो लहर लहर लहराए, माँ की नाक की नथनिया, दमदम दमदम दमकी जाए, माँ की लाल रे चुनरियाँ, देखो लहर

धरती गगन में होती है, तेरी जय जयकार ॥ श्लोक – सर्व मंगल मांगल्ये, शिवे सर्वार्थ साधिके, शरण्ये त्रियमभीके गौरी, नारायणी नमोस्तुते। जय जय शेरावाली

हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो ऐसी हो काली मैय्यां तेरे जैसी हो हाँ माँ हो तो ऐसी हो ऐसी हो अरे ऐसी

जगदम्बे भवानी माँ, तुम कुलदेवी मेरी, मैं तुम्हें मनाऊं माँ, करो भूल माफ़ मेरी ॥ जन्मों जन्मों से मां, तेरा मेरा बन्धन, जो कुछ भी

छोड़ के सारे जग को आये, तेरी शरण में माँ, अपनी शरण में रखलो माँ, अपनी शरण में रखलो मां, मेरी माँ मेरी माँ, भोली

मैया तुमको मनावे तेरे भक्त रे, तेरे भक्त रे, ओ मेरी मैया मेरी मात रे, मैया तुमको मनाए तेरे भक्त रे, तेरे भक्त रे, ओ
