
दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है: भजन (Das Tere Hai Gajanan Dhyan Dharte Hai )
दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है, तेरे चरणों में प्रभु, प्रणाम करते है, तेरे चरणों में प्रभु, प्रणाम करते है ॥ चार तेरी है

दास तेरे है गजानन, ध्यान धरते है, तेरे चरणों में प्रभु, प्रणाम करते है, तेरे चरणों में प्रभु, प्रणाम करते है ॥ चार तेरी है

गौरी सूत गणराज पधारो, आके सारे काज सवारों, तुझको आना होगा, तुझको आना होगा ॥ सारे देवो में पहले तुझको मनाये, तू ही दयालु सारे

॥ श्लोक ॥ गजानंद आनंद करो, दो सुख सम्पति में शीश, दुश्मन को सज्जन करो, निवत जिमावा खीर । सदा भवानी दाहिनी, सनमुख रहत गणेश,

गणपति पधारो ताता थैया करते, ताता थैया करते, ठुमक ठुमक पग धरते, गणपति पधारो ताता थैया करते, आप के पधारने से बिगड़े काम संवरते, गणपति

गृह प्रवेश के समय गाए जाने वाला पॉपुलर श्री गणेश भजन। जिसमें प्रथम देव, श्रेष्ठ श्री गणेश जी का आवाहन किया जाता है। घर में

करलो करलो चारो धाम, मिलेंगे कृष्ण, मिलेंगे राम जीवन सफल उसी का समझो, जिसने किया ये धाम करलो करलो चारो धाम, मिलेंगे कृष्ण, मिलेंगे राम

तुम करुणा के सागर हो प्रभु मेरी गागर भर दो थके पाँव है दूर गांव है अब तो किरपा कर दो तुम करुणा के सागर
