
बााबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी – भजन (Baba Nene Chaliyo Hamaro Apan Nagari)
बााबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, अपन नगरी हो झारखण्ड डगरी बबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले

बााबा नेने चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, अपन नगरी हो झारखण्ड डगरी बबा लेले चलियौ हमरो अपन नगरी, बाबा लेले

पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया । पार करेंगे नैया भज कृष्ण कन्हैया । निस दिन भज गोपाल प्यारे, मोर मुकुट पीतांबर वारे । भगतो

जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी जय हो बैजनाथ जय हो भोले भंडारी बोल बम बम, बम

है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा मकसद ऐ जिंदगी का क्यों रखलिया है पैसा पैसे से सिकंदर ने क्या क्या खरीद

महादेव शंकर हैं जग से निराले, बड़े सीधे साधे बड़े भोले भाले । मेरे मन के मदिर में रहते हैं शिव जी, यह मेरे नयन

मन में है विश्वास अगर जो, श्याम सहारा मिलता है, रोता है कोई श्याम का प्रेमी, रोता है कोई श्याम का प्रेमी, श्याम सिंघासन हिलता

राम को देख कर के जनक नंदिनी, बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी । राम देखे सिया को सिया राम को, चारो अँखिआ
