
श्री सूर्य देव – ऊँ जय सूर्य भगवान (Shri Surya Dev Om Jai Surya Bhagwan)
ऊँ जय सूर्य भगवान,जय हो दिनकर भगवान ।जगत् के नेत्र स्वरूपा,तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ।धरत सब ही तव ध्यान,ऊँ जय सूर्य भगवान ॥॥ ऊँ जय

ऊँ जय सूर्य भगवान,जय हो दिनकर भगवान ।जगत् के नेत्र स्वरूपा,तुम हो त्रिगुण स्वरूपा ।धरत सब ही तव ध्यान,ऊँ जय सूर्य भगवान ॥॥ ऊँ जय

कार्तिकेय जी की आरती –जय जय आरती वेणु गोपालावेणु गोपाला वेणु लोलापाप विदुरा नवनीत चोराजय जय आरती वेंकटरमणावेंकटरमणा संकटहरणासीता राम राधे श्याम जय जय आरती

॥ श्री भैरव देव जी आरती ॥जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा ।जय काली और गौर देवी कृत सेवा ॥॥ जय भैरव देवा…॥तुम्ही पाप

श्री हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाली आरती हैॐ जय हनुमत वीरा,स्वामी

भक्त इन पंक्तियां को स्तुति श्री हिंगलाज माता और श्री विंध्येश्वरी माता की आरती के रूप मे प्रयोग करते हैं:सुन मेरी देवी पर्वतवासनी ।कोई तेरा पार ना पाया माँ

भगवान विष्णु की अर्धांगिनी माता लक्ष्मी का आह्वान भक्तजन साप्ताहिक दिन शुक्रवार, गुरुवार, वैभव लक्ष्मी व्रत तथा दीपावली में लक्ष्मी पूजन के दिन मुख्यतया अधिक करते हैं, जिसके अंतरगत भक्त माँ

श्री गुरु नानक देव आरती ॥धनासरी महला १ आरती ੴ सतिगुर प्रसादि ॥गगन मै थालु रवि चंदु दीपकबने तारिका मंडल जनक मोती ॥ धूपु मल
