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जाम्भोजी के बारे में

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जोगियों के प्रति शब्दोपदेश जोगियों के प्रति शब्दोपदेश कनफड़ो जोगी जांभजी कह जुरे आयो, आय अभखल बाणी बोल्यो, जांभजी बरज्यो। जाम्भेजी वायक कह – शब्द-35 ओ३म् बल बल भरत…

             शब्द ईलोल सागर भाग 2   वहां से आगे बढ़ने पर एक देश मै, वहां पर सभी भक्तजन अल्पाहार करते हैं । वहां से आगे पंहुचे तो मैंने देखा कि सूर्य की किरणों से रसोई पकती है। उनके पास कुछ ऐसी ही युक्ति थी…

शब्द इलोल सागर भाग 1 शब्द इलोल सागर भाग 1 नाधोजी उवाच:- एक समय की अद्भुत घटना मैं तुम्हें सुनाता हूँ क्योंकि- तुमने तो मेरे से नहीं पूछा किन्तु मैं तुम्हें बिना पूछे ही सुनाता हूँ। क्योंकि स्वयं श्री सिद्धे धरजी ने भी…

स्नान क्यों करना चाहिए साहू को स्नान का महत्व बतलाना(स्नान क्यों करना चाहिए) बिजनौर को चौधरी गांव साहू गंगा पार सु आयो,तागड़ी सोनो चाड़यौ । जाम्भोजी ! कीया भजन हुव नहीं,सोनो साटै मुकति द्यौ। जाम्भोजी कह छः ताकड़ी तेरो,छ:ताकड़ी म्हे देस्या, आंखे…

Samrathl par Ganga ji . गंगा की धारा का समराथल पर आगमन गंगा की धारा का समराथल पर आगमन (Samrathl par Ganga ji) एक समय जाम्भोजी का हाथ कुटालौ लियो। जाम्भाजी थे कर था जको म्हे करस्या। जाम्भोजी कह गंगा की सिर…

उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 2 उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 2 इस प्रकार से श्री देवजी की स्तुति में ऊदे इस साखी का गायन किया, पास में बैठे हुए सज्जनों को आचर्य चकित कर दिया। कवि हृदय तो ऊदा था ही…

       उदोजी नैण का जाम्भोजी के शरण में आना भाग 1 मांगलोद गंगा पार का जमाती आई भरया, ऊदो नैण देवी को भोपा कहै- जमातियां इह महमाई नै पूजी र पाछा जावौ देव करै थी देवी करसी। बिश्नोई कै देवी सुरग देसी। देवी उदै के घट आय बोली…