तुम्हे दिल में बसाया,
तुम्हे अपना बनाया,
तूने जीना सिखाया भोलेनाथ जी,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी ॥
गाड़ी दिलवाई तूने घर बनवाया,
मैंने उस घर में तेरा मंदिर बनाया,
मन के मंदिर में मैंने तुमको बिठाया,
तुम्हे दिल में बसाया,
तुम्हे अपना बनाया,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी ॥
तेरे ही नाम का तिलक लगाऊं,
तिलक लगाऊं तेरी भक्ति बढ़ाऊं,
शिव शिव रट तेरी अलख जगाऊँ,
तुम्हे दिल में बसाया,
तुम्हे अपना बनाया,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी ॥
यहाँ हर गली में बसता शिवा है,
बच्चा हो बूढ़ा हो सब भजता शिवा है,
डम डम डमरू बजायो रे भोलेबाबा,
तुम्हे दिल में बसाया,
तुम्हे अपना बनाया,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी ॥
ज्योति कलश छलके - भजन (Jyoti Kalash Chhalake)
छठ पूजा: काँच ही बाँस बसहर घरवा - छठ गीत (Kanch Ki Bans Basahar Gharwa)
भजन: थारी जय जो पवन कुमार! (Bhajan: Thari Jai Ho Pavan Kumar Balihari Jaun Balaji)
तुम्हे दिल में बसाया,
तुम्हे अपना बनाया,
तूने जीना सिखाया भोलेनाथ जी,
तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी ॥








