तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
हम ने सुना है,
श्याम मीरा को तारा,
वीणा का करके बहाना,
श्याम हम भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
हमने सुना है,
श्याम द्रोपदी को तारा,
साडी का करके बहाना,
श्याम हम को भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
हमने सुना है,
श्याम कुब्जा को तारा,
चन्दन का करके बहाना,
श्याम हम को भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
हमने सुना है,
श्याम गणिका को तारा,
तोते का करके बहाना,
श्याम हम को भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 21 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 21)
अगर नाथ देखोगे अवगुण हमारे: भजन (Agar Nath Dekhoge Avgun Humare)
रणधीर के प्रश्न तथा जाम्भोजी के उत्तर
हमने सुना है,
श्याम अर्जुन को तारा,
गीता का करके बहाना,
श्याम हम को भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
हमने सुना है,
श्याम प्रहलाद को तारा,
खम्बे का करके बहाना,
श्याम हम को भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥
हमने सुना है,
श्याम केवट को तारा,
नौका का करके बहाना,
श्याम हम को भी तारो ।
तारा है सारा जमाना,
श्याम हम को भी तारो ।
हम को भी तारो,
श्याम हम को भी तारो ॥








