राम को देख कर के जनक नंदिनी: भजन (Ram Ko Dekh Ke Janak Nandini)

jambh bhakti logo

राम को देख कर के जनक नंदिनी,
बाग में वो खड़ी की खड़ी रह गयी।
राम देखे सिया को सिया राम को,
चारो अँखिआ लड़ी की लड़ी रह गयी॥

यज्ञ रक्षा में जा कर के मुनिवर के संग,
ले धनुष दानवो को लगे काटने।
एक ही बाण में ताड़का राक्षसी,
गिर जमी पर पड़ी की पड़ी रह गयी॥

राम को मन के मंदिर में अस्थान दे
कर लगी सोचने मन में यह जानकी।
तोड़ पाएंगे कैसे यह धनुष कुंवर,
मन में चिंता बड़ी की बड़ी रह गयी॥

विश्व के सारे राजा जनकपुर में जब,
शिव धनुष तोड़ पाने में असफल हुए।
तब श्री राम ने तोडा को दंड को,
सब की आँखे बड़ी की बड़ी रह गयी॥

जम्भेश्वर भगवान अवतार के निमित कारण भाग -2

मेरो मॅन लग्यॉ बरसाने मे - भजन (Mero Man Lagyo Barsane Mei Jaha Viraje Radharani)

बिश्नोई पंथ स्थापना तथा समराथल ....... समराथल धोरा कथा भाग 5

तीन दिन तक तपस्या की रघुवीर ने,
सिंधु जाने का रास्ता न उनको दिया।
ले धनुष राम जी ने की जब गर्जना,
उसकी लहरे रुकी की रह गयी॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment