प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए
जो बने विषयों के प्रेमी उनको रोना चाहिए
मखमली गद्दे पे सोये ऐश और आराम से
मखमली गद्दे पे सोये ऐश और आराम से
वास्ते परलोक के भी कुछ तो बिछौना चाहिए
प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए
जो बने विषयों का भोगी उनको रोना चाहिए
बीज बोकर बाग़ के फल खाये है तुमने अगर
बीज बोकर बाग़ के फल खाये है तुमने अगर
वास्ते परलोक के भी कुछ तो बोना चाहिए
प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए
जो बने विषयों का भोगी उनको रोना चाहिए
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श्री हरि स्तोत्रम् (Shri Hari Stotram)
दिन बिताया अगर तुम ऐश और आराम में
दिन बिताया अगर तुम ऐश और आराम में
रात में सुमरन हरि का कर के सोना चाहिए
प्रेम हो तो श्री हरि का प्रेम होना चाहिए
जो बने विषयों का भोगी उनको रोना चाहिए








