पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहार ।
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल-चूक गलती हमार ।
सब के बलकवा के दिहा,
छठी मईया ममता-दुलार ।
पिया के सनईहा बनईहा,
मईया दिहा सुख-सार ।
नारियल-केरवा घोउदवा,
साजल नदिया किनार ।
सुनिहा अरज छठी मईया,
बढ़े कुल-परिवार ।
घाट सजेवली मनोहर,
मईया तोरा भगती अपार ।
लिहिएं अरग हे मईया,
दिहीं आशीष हजार ।
तुम करलो प्रभु से प्यार, अमृत बरसेगा: भजन (Tum Karlo Prabhu Se Pyar Amrat Barsega)
शीतला चालीसा (Sheetala Chalisa)
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 31 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 31)
पहिले पहिल हम कईनी,
छठी मईया व्रत तोहर ।
करिहा क्षमा छठी मईया,
भूल-चूक गलती हमार ।
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