मेरे सोये भाग जगा भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
तुमहे ने कैलाश पति,
लाखो को तारा ।
फिर क्यों न आया,
तुम को ध्यान तुम्हारा ।
खुशियों के फूल तुमने,
दुनिया को बांटे ।
झोली में हमारे क्या,
ये भर दिए कांटे ।
अब तो अपने दिन पलटा दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरे सोये भाग जगा भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
तेरी तो जटाओ में है,
गंगा का पानी ।
पर न हमारी तुमने,
प्यास बुजाई ।
रावन को लंका देदी,
हे महादानी ।
अपने नसीबो में ये,
दुनिया पुरानी ।
कभी इस का भी चमका दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरे सोये भाग जगा भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
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मेहर का खजाना तेरे,
पास है विध्याता ।
उस में से थोडा बहुत,
मुझको भी दो दाता ।
कब से रोते है हँसा दो,
ओ शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरे सोये भाग जगा भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।
मेरी बिगड़ी बात बना भी दो,
शिव डमरू वाले,
शंकर भोले भाले ।








