कहकर तो देख माँ से,
दुःख दर्द तेरे दिल के,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के ॥
मेरी माँ ये भोला मन,
दया करुणा का है संगम,
गंगा की तरह है पावन,
ये माँ का प्यार अपनापन,
टल जाएगी मुसीबत,
एक बार माँ से मिल के,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के ॥
दुनिया में कही ना देखा,
है माँ का प्यार ऐसा,
तड़प उठता है दिल इसका,
कही पर जो लाल है रोता,
फट जाता है कलेजा,
आँखों से आंसू छलके,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के ॥
कहता ‘सोनू’ गर मानो,
कही भटको ना दीवानों,
है जग जननी यही जानो,
तुम इसकी प्रीत पहचानो,
चाहे तो पल में तेरी,
मैया तक़दीर बदल दे,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के ॥
कहकर तो देख माँ से,
दुःख दर्द तेरे दिल के,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के,
ये गले से लगा लेगी,
तस्वीर से निकल के ॥
चरण कमल तेरे धोए धोए पीवां - शब्द कीर्तन (Charan Kamal Tere Dhoye Dhoye Peevan)
लक्ष्मी स्तोत्र - इन्द्रकृत (Lakshmi Stotram By Indra)
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








