जय गणेश जय मेरे देवा ॥
श्लोक – वक्रतुण्ड महाकाय,
सूर्यकोटि समप्रभ,
निर्विघ्नं कुरु मे देव,
सर्वकार्येषु सर्वदा ॥
जय गणेश जय मेरे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
माता जाकी पार्वती है,
माता जाकी पार्वती है,
पिता महादेवा रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥
एकदंत दयावन्त,
चार भुजाधारी देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
शुभ कारज में,
पहले करूँ मैं पूजा तेरी ॥
माथे सिन्दूर सोहे,
मूसे की सवारी रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥
पान चढ़े फूल चढ़े,
और चढ़े मेवा रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥
लड्डुअन का भोग लगे,
सन्त करें सेवा रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥
द्वादश ज्योतिर्लिङ्ग स्तोत्रम् (Dwadash Jyotirlinga Stotram)
हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण - भजन (Hame Nij Dharm Par Chalna Sikhati Roj Ramayan)
धन धन भोलेनाथ बॉंट दिये, तीन लोक - भजन (Dhan Dhan Bholenath Bant Diye Teen Lok)
अंधन को आंख दे तू,
कोढ़िन को काया रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥
बांझन को पुत्र देवे,
निर्धन को माया रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥
जय गणेश जय मेरें देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा,
माता जाकी पार्वती है,
माता जाकी पार्वती है,
पिता महादेवा रे देवा,
जय गणेश जय मेरें देवा ॥








