हम तो दीवाने मुरलिया के,
अजा अजा रे लाल यशोदा के ।
तेरी बाट जोहे राधा गोरी,
वो तो आई है चोरी चोरी ।
कहा देर करी सवारिया,
हम तो दीवाने मुरलिया के ॥
आई पूनम की रात सुहानी,
जहाँ प्रीत की बजे शहनाई ।
अजा अजा रे कुंवर कन्हाई,
हम तो दीवाने मुरलिया के ॥
अब काली घटा घिर आई,
जहाँ पवन चले पुरवाई ।
मेरी चुनर उढ़ उढ़ जाए,
हम तो दीवाने मुरलिया के ॥
मेरी बीच भवर में है नईया,
मेरी नईया का तू ही खिवईया ।
मेरी पार लगा जा नईया,
आजा आजा रे कृष्ण कन्हैया ॥
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हम तो दीवाने मुरलिया के,
अजा अजा रे लाल यशोदा के ।
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