होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा: होली भजन (Holi Khel Rahe Banke Bihari Aaj Rang Baras Raha)

jambh bhakti logo

होली खेल रहे बांकेबिहारी आज रंग बरस रहा ,
और झूम रही दुनिया सारी,
आज रंग बरस रहा ॥

अबीर गुलाल के बादल छा रहे है,
होरी है होरी है छोर मचा रहे,
झोली भर के गुलाल कि मारी,
आज रंग बरस रहा ॥

देख देख सखियन के मन हर्षा रहे,
मेरे बांके बिहारी आज प्रेम बरसा रहे,
उनके संग में हैं राधा प्यारी,
आज रंग बरस रहा ॥

आज नंदलाला ने धूम मचाई है,
प्रेम भरी होली कि झलक दिखायी है,
रंग भर भर के मारी पिचकारी,
आज रंग बरस रहा ॥

ब्रजराज ब्रजबिहारी! इतनी विनय हमारी - भजन (Brajaraj Brajbihari Itni Vinay Hamari)

कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 35 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 35)

हमें निज धर्म पर चलना सिखाती रोज रामायण - भजन (Hame Nij Dharm Par Chalna Sikhati Roj Ramayan)

अबीर गुलाल और ठसो का रंग है,
वृंदावन बरसानो झूम रह्यो संग है,
मैं बार बार जाऊं बलिहारी ॥

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment