हार के आया मैं जग सारा,
तेरी चौखट पर,
तुमसे ही है सारी उम्मीदें,
तुम ही लोगे खबर,
सब कहते है अपने भगत की,
श्याम हमेशा पत रखता है,
हारे का सहारा मेरा श्याम,
हमेशा मेरी लाज रखता है ॥
जग से रिश्ता तोड़ दिया है,
तुझसे नाता जोड़ लिया है,
तुझको ही माना साथी अपना,
तुझपे ही सबकुछ छोड़ दिया है,
तेरी दया से मेरा दीपक,
तूफानों में भी जलता है,
हारें का सहारा मेरा श्याम,
हमेशा मेरी लाज रखता है ॥
कलयुग की सरकार तू ही है,
जीवन का आधार तू ही है,
क्यों भटकूं मैं दर दर जाकर,
श्याम मेरा संसार तू ही है,
तेरी कृपा का हाथ है जबसे,
हर संकट खुद ही टलता है,
हारें का सहारा मेरा श्याम,
हमेशा मेरी लाज रखता है ॥
हार के आया मैं जग सारा,
तेरी चौखट पर,
तुमसे ही है सारी उम्मीदें,
तुम ही लोगे खबर,
सब कहते है अपने भगत की,
श्याम हमेशा पत रखता है,
हारे का सहारा मेरा श्याम,
हमेशा मेरी लाज रखता है ॥
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गुरू आसन समराथले -------- समराथल कथा भाग 11








