श्याम दर्शन,
जरा दिखा जाओ,
दिल की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
मैंने कुटिया बहुत सजाई है,
मैंने कुटिया बहुत सजाई है,
खुशबु अपनी जरा लुटा जाओ,
दील की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
खातरी तेरी सांवरे होगी,
खातरी तेरी सांवरे होगी,
भाव दिल के जरा जगा जाओ,
दील की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
कुछ कहेंगे तो कुछ सुनेंगे तेरी,
कुछ कहेंगे तो कुछ सुनेंगे तेरी,
हमको मदहोश तो बना जाओ,
दील की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
दील की कुटिया में कुछ कमी तो नहीं,
दील की कुटिया में कुछ कमी तो नहीं,
गर कमी है कमी पूरा जाओ,
दील की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
दील की कुटिया करीब है तेरे,
दील की कुटिया करीब है तेरे,
तुम जरा सा करीब आ जाओ,
दील की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
विसर्जन को चलीं रे, चली रे मोरी मैया: भजन (Visarjan Ko Chali Re Chali Mori Maiya)
सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु - प्रार्थना (Subah Savere Lekar Tera Naam Prabhu)
जम्भेश्वर भगवान आरती (जय गुरुदेव दयानिधि,ओम शब्द सोहम ध्यवे,ओम जय जगदीश हरे)
‘नंदू’ हर हाल में तुम्हे चाहे,
‘नंदू’ हर हाल में तुम्हे चाहे,
प्रेम ऐसा प्रभु जगा जाओ,
दील की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥
श्याम दर्शन,
जरा दिखा जाओ,
दिल की कुटिया,
में मेरी आ जाओ ॥








