
तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो – भजन (Tara Hai Sara Zamana, Shyam Hamko Bhi Taro)
तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो । हम को भी तारो, श्याम हम को भी तारो ॥ हम ने सुना है, श्याम

तारा है सारा जमाना, श्याम हम को भी तारो । हम को भी तारो, श्याम हम को भी तारो ॥ हम ने सुना है, श्याम

राख शरण गिरधारी साँवरे, मैं बिना मोल को चेरो, हरी मैं जैसो तेसो तेरो, श्याम मैं जैसो तेसो तेरो ॥ आप ठुकराओगे तो प्यारे, हम

तृष्णा ना जाये मन से ॥ दोहा – मथुरा वृन्दावन सघन, और यमुना के तीर, धन्य धन्य माटी सुघर, धन्य कालिंदी नीर ॥ कृष्णा बोलो

संसार के लोगों से आशा ना किया करना, जब कोई ना हो अपना, श्री कृष्ण कहा करना । कृष्णा कृष्णा कृष्णा कृष्णा जीवन के समुन्दर

महल को देख डरे सुदामा का रे भई मोरी राम मड़ईया कहाँ के भूप उतरे इत उत भटकत,चहुँ ओर खोजत मन में सोच करे का

॥ भाग १ ॥ कल्पतरु पुन्यातामा, प्रेम सुधा शिव नाम हितकारक संजीवनी, शिव चिंतन अविराम पतिक पावन जैसे मधुर, शिव रसन के घोलक भक्ति के

राम तुम बड़े दयालु हो, नाथ तुम बड़े दयालु हो, हरी जी तुम बड़े दयालु हो ॥ और ना कोई हमारा है, मुझे इक तेरा
