
हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे – भजन (He Govind He Gopal Ab To Jeevan Hare)
हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे । अब तो जीवन हारे, प्रभु शरण हैं तिहारे ॥ हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन

हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन हारे । अब तो जीवन हारे, प्रभु शरण हैं तिहारे ॥ हे गोविन्द हे गोपाल अब तो जीवन

राधे झूलन पधारो झुकी आए बदरा, झुक आये बदरा झुकी आये बदरा, राधे झूलन पधारो झुकी आये बदरा, झुक आये बदरा झुकी आये बदरा, साजो

जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी ॥ अजर अमर अज अरूप, सत चित आनंदरूप । व्यापक ब्रह्मस्वरूप, भव! भव-भय-हारी ॥ जयति जयति जग-निवास, शंकर सुखकारी ॥

आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी । झूले राधा प्यारी, हाँ झूले राधा प्यारी ॥ आई बागों में बहार, झूला झूले राधा प्यारी

मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो

झूला पड्यो है कदम्ब की डार, झुलावे ब्रज नारी, ब्रज नारी रे ब्रज नारी, ब्रज नारी सखियाँ सारी, झूला पड्यो हैं कदम्ब की डार, झुलावे

भभूती रमाये बाबा भोले नाथ आए, भोले नाथ आए बाबा डमरू बजाए, भोले नाथ आए बाबा अलख जगाए । सखी एक बोली मैया बाहर पधारो
