
सोहर: जुग जुग जियसु ललनवा (Sohar: Jug Jug Jiya Su Lalanwa Ke)
जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो, ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में, आस लागल हो ॥ आज के दिनवा सुहावन,

जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो, ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में, आस लागल हो ॥ आज के दिनवा सुहावन,

बुद्ध पूर्णिमा के साथ-साथ भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) के दिन यह भगवान बुद्ध वन्दना जन-साधारण के बीच अत्यधिक लोकप्रिय है। बुद्ध वन्दना नमो तस्स

ओ बाबा खाटू वाले, मुझको तू दर पे बुला ले, बेटी हूँ ना मैं तेरी, मुझको तू गले लगा ले, ओ बाबा श्याम, दर पे

रोम रोम में बसा हुआ है, एक उसी का नाम, तू जपले राम राम राम, तू भजले राम राम राम, रोम रोम में बसा हुआ

मुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में, मुझे दास बनाकर रख लेना, भगवान तू अपने चरणों में, भगवान तू अपने चरणों में,

मोको कहां ढूंढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास में । मोको कहां ढूंढे रे बंदे, मैं तो तेरे पास में । ना तीरथ में

जिंदगी एक किराये का घर है, एक न एक दिन बदलना पड़ेगा मौत जब तुझको आवाज देगी, घर से बाहर निकलना पड़ेगा ॥ मौत का
