
वक्रतुण्ड महाकाय – गणेश मंत्र (Vakratunda Mahakaya Ganesh Shlok)
किसी भी प्रकार के कार्य प्रारंभ करने के पूर्व श्री गणेश जी का स्मरण इस मंत्र के साथ अवश्य करना चाहिए, आपके शुभकार्य निश्चित ही

किसी भी प्रकार के कार्य प्रारंभ करने के पूर्व श्री गणेश जी का स्मरण इस मंत्र के साथ अवश्य करना चाहिए, आपके शुभकार्य निश्चित ही

अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम् । श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचंद्रं भजे ॥1॥ अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम् । इन्दिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं

1. श्री विष्णु मूल मंत्र ॐ नमोः नारायणाय॥ 2. श्री विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥ 3. श्री विष्णु गायत्री मंत्र ॐ श्री

॥ विनियोग मन्त्र ॥ ॐ अस्य श्रीबृहस्पति स्तोत्रस्य गृत्समद् ऋषिः, अनुष्टुप छन्दः, बृहस्पतिर्देवता, बृहस्पति प्रीत्यर्थे जपे विनियोग: गुरुर्बृहस्पतिर्जीव: सुराचार्यो विदां वरः । वागीशो धिषणो दीर्घश्मश्रुः

ॐ गंगायै नमः । ॐ विष्णुपादसंभूतायै नमः । ॐ हरवल्लभायै नमः । ॐ हिमाचलेन्द्रतनयायै नमः । ॐ गिरिमण्डलगामिन्यै नमः । ॐ तारकारातिजनन्यै नमः । ॐ

श्री गंगा जी की स्तुति गांगं वारि मनोहारि मुरारिचरणच्युतम् । त्रिपुरारिशिरश्चारि पापहारि पुनातु माम् ॥ माँ गंगा स्तोत्रम्॥ देवि सुरेश्वरि भगवति गङ्गे त्रिभुवनतारिणि तरलतरङ्गे ।

॥ विष्णु शान्ताकारं मंत्र ॥ शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् । लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥
