
भोले नाथ का मैं बनजारा: भजन (Bholenath Ka Main Banjara)
भोले नाथ का मैं बनजारा, छोड़ दिया मैंने जग सारा, पता बता दो नील कंठ का, पता बता दो नील कंठ का, मैं जाऊ शिव

भोले नाथ का मैं बनजारा, छोड़ दिया मैंने जग सारा, पता बता दो नील कंठ का, पता बता दो नील कंठ का, मैं जाऊ शिव

छोटी सी मेरी पार्वती, शंकर की पूजा करती थी, निर्जल रहकर निश्छल मन से, नित ध्यान प्रभू का धरती थी, छोटी सी मेरी पारवती, शंकर

किस विधि वंदन करू तिहारो, औघड़दानी त्रिपुरारी बलिहारी – बलिहारी जय महेश बलिहारी ॥ नयन तीन उपवीत भुजंगा, शशि ललाट सोहे सिर गंगा मुंड माल

लेके गौरा जी को साथ भोले-भाले भोले नाथ, काशी नगरी से आए हैं शिव शंकर। नंदी पे सवार होके डमरू बजाते, चले आ रहे हैं

धन धन भोलेनाथ बॉंट दिये, तीन लोक इक पल भर में । ऐसे दीनदयाल मेरे दाता, भरे खजाना पल भर में ॥ प्रथम वेद ब्रह्मा

ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय ॥ चली कांवड़ियों की टोली, सब भोले के हमजोली, गौमुख से गंगाजल वो लाने वाले हैं । भोले के

आग बहे तेरी रग में तुझसा कहाँ कोई जग में है वक़्त का तू ही तो पहला पहर तू आँख जो खोले तो ढाए कहर
