
मंगल को जन्मे, मंगल ही करते – भजन (Mangal Ko Janme Mangal Hi Karte)
मंगल को जन्मे, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥ मंगल को जन्में, मंगल ही करते, मंगलमय

मंगल को जन्मे, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥ मंगल को जन्में, मंगल ही करते, मंगलमय

अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना, तुम्हारी लाड़ली सीता हुई बेहाल कह देना । जब से लंका में आई नहीं श्रृंगार है कीन्हा,

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा, हनुमान जन्मोत्सव, मंगलवार व्रत, शनिवार पूजा, बूढ़े मंगलवार और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये

हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत विनती बारम्बार ॥ हे दुःख भन्जन, मारुती नंदन, सुन लो मेरी पुकार । पवनसुत

वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे

जिसने दी है मुझे पहचान, वो अंजनी का लाला है, जिससे परिवार मेरा खुशहाल, वो अंजनी का लाला है, जिसने दी हैं मुझे पहचान, वो

मैं हूँ दासी तेरी दातिए, सुन ले विनती मेरी दातिए, मैया जब तक जियूं, मैं सुहागन रहूं, मुझको इतना तू वरदान दे, मै हूँ दासी
