
दर्शन की प्यासी नजरिया, मैया: भजन (Darshan Ki Pyasi Najariya Maiya)
दर्शन की प्यासी नजरिया, मैया लीजे खबरिया ॥ खप्पर वाली माँ जगदम्बा, चंडी ज्वाला अम्बा अम्बा, ओढ़े लाल चुनरिया, मैया लीजे खबरिया ॥ रण में

दर्शन की प्यासी नजरिया, मैया लीजे खबरिया ॥ खप्पर वाली माँ जगदम्बा, चंडी ज्वाला अम्बा अम्बा, ओढ़े लाल चुनरिया, मैया लीजे खबरिया ॥ रण में

सुनो सुनो, सुनो सुनो सुनो सुनो एक कहानी सुनो, ना राजा की ना रानी की, ना आग हवा ना पानी की, ना कृष्णा की ना

दिया थाली बिच जलता है, ऊपर माँ का भवन बना, नीचे गंगा जल बहता है ॥ दिया थाली बिच जलता है । ऊपर माँ का

मंगल की सेवा सुन मेरी देवा, हाथ जोड तेरे द्वार खडे । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले ज्वाला तेरी भेट धरे ॥ सुन जगदम्बे न

हे राम, हे राम जग में साचो तेरो नाम हे राम, हे राम तू ही माता, तू ही पिता है तू ही माता, तू ही

वनवास जा रहे है, रघुवंश के दुलारे, हारे है प्राण जिसने, लेकिन वचन ना हारे, वनवास जा रहे हैं, रघुवंश के दुलारे ॥ जननी ऐ

केवट ने कहा रघुराई से, उतराई ना लूंगा हे भगवन, उतराई ना लूंगा हे भगवन, केवट ने कहा रघुराईं से, उतराई ना लूंगा हे भगवन
