
म्हापे जद भी मुसीबत, कोई आवन लागे: भजन (Mhape Jad Bhi Musibat Koi Aavan Laage)
म्हापे जद भी मुसीबत, कोई आवन लागे, कोई आवन लागे, म्हारे सिर के ऊपर, चुनड़ी लेहरावन लागे ॥ जद नैया हिचकोले खावे, माँ थारी चुनड़

म्हापे जद भी मुसीबत, कोई आवन लागे, कोई आवन लागे, म्हारे सिर के ऊपर, चुनड़ी लेहरावन लागे ॥ जद नैया हिचकोले खावे, माँ थारी चुनड़

मेरी सुनकर करुण पुकार, भवानी आएगी, आएगी माँ आएगी, अपना मुझे बनाएगी, मुझे पूरा है विश्वास, भवानी आएगी, मेरी सुनकर करुंण पुकार, भवानी आएगी ॥

पर्वत से उतर कर माँ, मेरे घर आ जाना, मैं भी भगत तेरा, मेरा मान बढ़ा जाना ॥ मैया तेरे बेटे को, तेरा ही सहारा

सच्चे मन से माँ की, ज्योत तुम जगाओ, बिन मांगे सारे फल पाओ ॥ ये ही है दुर्गा ये ही माँ काली, चाहे किसी भी

शेरावाली की नज़र जिसपे पड़ने लगी, जिसपे पड़ने लगी, देखो तक़दीर उसकी संवरने लगी, संवरने लगी ॥ माँ के पावन नवराते आ गए, घर घर

जगदम्बे भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है, सोहे वेश कसुमल निको, तेरे रत्नों का सिर पे ताज है, जगदम्बें भवानी मैया, तेरा त्रिभुवन

मेरी आस तू है माँ, विश्वास तू है माँ, मेरी हर ख़ुशी का अब, आगाज़ तू है माँ, दे दे माँ आँचल की छइयां मुझे,
