
यही रात अंतिम यही रात भारी: भजन (Yehi Raat Antim Yehi Raat Bhaari)
यही रात अंतिम यही रात भारी, बस एक रात की अब कहानी है सारी, यही रात अंतिम यहीं रात भारी ॥ नहीं बंधू बांधव ना

यही रात अंतिम यही रात भारी, बस एक रात की अब कहानी है सारी, यही रात अंतिम यहीं रात भारी ॥ नहीं बंधू बांधव ना

जन मानस में गूंज रहा है, जय श्री राम जय श्री राम, प्राणो का आधार बना है, जय श्री राम जय श्री राम, भारत वर्ष

हार के आया मैं जग सारा, तेरी चौखट पर, तुमसे ही है सारी उम्मीदें, तुम ही लोगे खबर, सब कहते है अपने भगत की, श्याम

नमस्तेस्तु महामाये श्रीपीठे सुरपूजिते शंख चक्र गदाहस्ते महालक्ष्मी नमोस्तुते नमस्ते गरूडारूढे कोलासुर भयंकरि सर्व पाप हरे देवी महालक्ष्मी नमोस्तुते जग मग जग मग दीप प्रज्ज्वलित

ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ ऐसो रास रच्यो वृन्दावन, है रही पायल की झंकार ॥ घुंघरू खूब छमा छ्म बाजे,

रक्षा करो मेरे राम, रक्षा करों मेरे राम, मन की लगी है तुमसे ही भगवन, मन की लगी है तुमसे ही भगवन, पूजूँ तुम सुबह

जुबां पे राम का नाम होना चाहिए, मन मंदिर में राम होना चाहिए, मन मंदिर में राम होना चाहिए ॥ सीताराम चरित अति पावन, तुलसी
