
सारे जहाँ के मालिक तेरा ही आसरा है: भजन (Sare Jahan Ke Malik Tera Hi Aasara Hai)
सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है, राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है, सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा

सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा है, राजी हैं हम उसी में, जिस में तेरी रजा है, सारे जहाँ के मालिक, तेरा ही आसरा

जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री दो सबको ये पैगाम घर घर जाओ री जन्मे अवध में राम मंगल गाओ री कौशल्या रानी को

श्री राम नवमी, विजय दशमी, सुंदरकांड, रामचरितमानस कथा और अखंड रामायण के पाठ में प्रमुखता से गाये जाने वाला भजन। मेरे राम मेरे घर आएंगे,

भक्ति और शक्ति के दाता, रामचरण से जिनका नाता, म्हारा बजरंगबली, म्हारा बजरंगबली ॥ राम बिना जिनको कुछ भी ना ध्यावे, राम में हरदम जो

श्री राम जी का मंदिर, सुन्दर बनाएँगे हम, सुन्दर बनाएँगे हम, मिलकर बनाएँगे हम, श्री राम जी का मंदिर, सुन्दर बनाएँगे हम ॥ देखेगी सारी

चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ, चित्रकुट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम

सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से प्यार करना सीखोजी जीवन का उद्धार करना सीखोजी सत्संगति से प्यार करना सीखोजी
