
वे मनमोनेआ बालक नाथा – भजन (Ve Manmoneya Balak Natha)
वे मनमोनेआ बालक नाथा कदों बुलावेंगा, तेरा शाहतलाईया डेरा, बाबा कादो बुलावेंगा ॥ एक चिमटा बनाया बाबा तेरे नाम दा, ओह भी धूने विच पाया

वे मनमोनेआ बालक नाथा कदों बुलावेंगा, तेरा शाहतलाईया डेरा, बाबा कादो बुलावेंगा ॥ एक चिमटा बनाया बाबा तेरे नाम दा, ओह भी धूने विच पाया

नमो नमो नमो नमो ॥ श्लोक – सतसाँच श्री निवास, आद तू रख सदा तू ही, तू ही, तू ही, तू ही, तू ही, तू

तुम्हे दिल में बसाया, तुम्हे अपना बनाया, तूने जीना सिखाया भोलेनाथ जी, तूने जीना सिखाया भोलेंनाथ जी ॥ गाड़ी दिलवाई तूने घर बनवाया, मैंने उस

चढ़ा ले लोटा जल भर के, तेरा कल्याण हो जाए, कंटीली राह जीवन की, तेरी आसान हो जाए, चढ़ा ले लोटा जल भरके, तेरा कल्याण

तेरे दर जबसे ओ भोले, आना जाना हो गया, आना जाना हो गया मेरा, आना जाना हो गया, मिल गई खुशियां सभी मेरा, तू खजाना

तेरे नाम का दीवाना, तेरे द्वार पे आ गया है, जग से हार करके, तेरे पास आ गया है, तेरे नाम का दिवाना, तेरे द्वार

चलो चलिए माँ के धाम, मैया ने बुलाया है, आया खुशियों का पैगाम, मैया ने बुलाया है, बुलावा आया है, संदेसा आया है, आई चिट्ठी
