
सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है: भुज मूवी आरती (Duraj Ki Lali Tujhe Tilak Lagati Hai By Movie Bhuj Aarti)
सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है बगिया की डाली-डाली पुष्प चढ़ाती है पुरवाई आके तेरा भवन बुहारती बरखा की जल धारा चरण पघारती रिद्दी-सिद्धि

सूरज की लाली तुझे तिलक लगाती है बगिया की डाली-डाली पुष्प चढ़ाती है पुरवाई आके तेरा भवन बुहारती बरखा की जल धारा चरण पघारती रिद्दी-सिद्धि

गुरुर्ब्रह्मा ग्रुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः । गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः ॥ जय गणेश गणनाथ दयानिधि, सकल विघन कर दूर हमारे, जय गणेश

मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे, राम आएँगे आएँगे, राम आएँगे, मेरी झोपडी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे ॥ राम

गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता है मेरे दाता सबके दाता भाग्यविधाता । मेरे दाता,मेरे दाता, मेरे दाता, मेरे दाता है मेरे दाता सबके

जो प्रेम गली में आए नहीं, प्रियतम का ठिकाना क्या जाने, जिसने कभी प्रेम किया ही नहीं, वो प्रेम निभाना क्या जानें, जो प्रेम गली

जानकी नाथ सहाय करें जानकी नाथ सहाय करें, जब कौन बिगाड़ करे नर तेरो सुरज मंगल सोम भृगु सुत बुध और गुरु वरदायक तेरो राहु

प्रीत मे पूजे नाम तुम्हारा, गणपति जगत खिवैया, शिव नँदन अब आज हमारी, पार लगाना नैय्या, जय गौरी के लाला ॥ खजराना मे आन बिराजे,
