
क्या करे इन हाथों का, इतने इतने हाथ: भजन (Kya Karein In Hathon Ka Itne Itne Haath)
क्या करे इन हाथों का, इतने इतने हाथ, कमसे कम दो सर पे रख दे, देंगे आशीर्वाद ॥ बड़ी सरकार हो मैया, हजारो हाथ वाली

क्या करे इन हाथों का, इतने इतने हाथ, कमसे कम दो सर पे रख दे, देंगे आशीर्वाद ॥ बड़ी सरकार हो मैया, हजारो हाथ वाली

बता मेरे यार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया । बता मेरे यार सुदामा रै, भाई घणे दिना में आया । बालक थारे जब

हे रोम रोम मे बसने वाले राम, जगत के स्वामी, हे अन्तर्यामी, मे तुझ से क्या मांगूं। आप का बंधन तोड़ चुकी हूं, तुझ पर

आदियोगी – The Source of Yoga दूर उस आकाश की गहराइयों में, एक नदी से बह रहे हैं आदियोगी, शून्य सन्नाटे टपकते जा रहे हैं,

माँ देख तेरा श्रृंगार, करे दिल नाचण का, नाचण का दिल नाचण का, चाहे देखूं जितनी बार, करे दिल नाचण का, मां देख तेरा श्रृंगार,

मैया बुलाले नवराते में, नाचेंगे हम सब जगराते में, माँ की मूरत बस गई आँखो में, नाचेंगे हम सब जगराते में ॥ परदेशी हूँ पर

माँ करते तेरा वंदन, स्वीकार करो ना, भय मुक्त करो एक दानव, आया है कोरोना, हे जगत की पालन हार, सुनलो ना करुण पुकार ॥
