
छठ पूजा: छठी माई के घटिया पे – छठ गीत (Chhati Mai Ke Ghatiya Pe Ajan Bajan)
छठी माई के घटिया पे, आजन बाजन, बाजा बजवाईब हो । छठी माई के घटिया पे, आजन बाजन, बाजा बजवाईब हो । गोदीया में होईहे

छठी माई के घटिया पे, आजन बाजन, बाजा बजवाईब हो । छठी माई के घटिया पे, आजन बाजन, बाजा बजवाईब हो । गोदीया में होईहे

सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार आन दिन उगइ

काँच ही बाँस बसहर घरवा, हे कदम जुड़े गाछ, हे कदम जुड़े गाछ । काँच ही बाँस बसहर घरवा, हे कदम जुड़ गाछ, हे कदम

केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके केलवा के पात पर उगेलन सुरुज मल झांके ऊंके हो करेलु छठ बरतिया से झांके ऊंके

कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय बहंगी लचकत जाय होई ना बलम जी कहरिया, बहंगी घाटे पहुंचाय कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी

मत रोवे ऐ धौली धौली गाय, दुनियाँ में अड़े कोई ना सुखी, मत रोवे ऐ धौली धौली गाय, दुनियाँ में अड़े कोई ना सुखी, मैं

गोविंद चले चरावन धेनु । गृह गृह तें लरिका सब टेरे शृंगी मधुर बजाई बेनु ॥ सुरभी संग सोभित द्वै भैया लटकत चलत नचावत नेंन
