
शिव पूजा में मन लीन रहे मेरा: भजन (Shiv Puja Mai Mann Leen Rahe Mera)
शिव पूजा में मन लीन रहे, मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा । मिट जाए जन्मों की तृष्णा, मिले भोले शंकर प्यार तेरा । तुझ

शिव पूजा में मन लीन रहे, मेरा मस्तक हो और द्वार तेरा । मिट जाए जन्मों की तृष्णा, मिले भोले शंकर प्यार तेरा । तुझ

देवता भी स्वार्थी थे, दौड़े अमृत के लिए, हम सदा उनको भजेंगे, जो जहर हंस के पिए, हम नमन उनको करेंगे, जो जहर हंस के

हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली, जाने वो जिस ने तेरी लगन लगाली, हे भोले नाथ तेरी महिमा निराली । तेरी शरण में जो भी

पूछे प्यारी शैलकुमारी कथा कहिए भोले भण्डारी जी । प्रथम सोकारन कहहू बिचारी निर्गुण ब्रम्हा शगुन बपु धारी ब्रह्म बन , ब्रह्म बने अवध बिहारी

प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया । हे पवनपुत्र हनुमंता, बलभीमा आंजनेया । बलभीमा आंजनेया, बलभीमा आंजनेया । प्रभु रामचंद्र के दूता, हनुमंता आंजनेया ।

जय हो जय हो तुम्हारी जी बजरंग बली लेके शिव रूप आना गजब हो गया त्रेतायुग में थे तुम आये द्वापर में भी तेरा कलयुग

जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे । तो मिल जायेगा वो सजन धीरे धीरे । जो करते रहोगे भजन धीरे धीरे । तो मिल जायेगा
