
बहे असुवन की लंबी धार: भजन (Bahe Asuwan Ki Lambi Dhar )
बहे असुवन की लंबी धार, माई विसर्जन में ॥ दोहा – हम तेरे द्वार में ऐ मैया, झोली फैलाए बैठे हैं, हम तेरी आस में,

बहे असुवन की लंबी धार, माई विसर्जन में ॥ दोहा – हम तेरे द्वार में ऐ मैया, झोली फैलाए बैठे हैं, हम तेरी आस में,

जिन भवानी माँ, थारी महिमा न्यारी है, थाने पुजे दुनिया सारी है ॥ ममतामयी मेरी मां, करुणा मयी मेरी मां, म्हे बालक हा नादान, हे

[माँ नाम लेना कोई शर्म नहीं है, इससे बड़ा तो कोई करम नहीं है, जिसमे माता की पूजा का जिक्र न हो, ऐसा तो दुनिया

ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय नमः शिवाय – x2 शिव शंकर का गुणगान करो शिव भक्ति

हे शिव शंकर परम मनोहर सुख बरसाने वाले, दुःख टालते भव से तारते शम्भू भोले भाले, शम्भू भोले भाले, शम्भू भोले भाले हे शिव शंकर

शंभु महादेव जय शंकरा शंभु महादेव जय शंकरा शंभु महादेव जय शंकरा शंभु महादेव जय शंकरा ओ मेरा ओ शंकर हो मन में बैठा है

डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया हे हमार जोगिया हो हमार जोगिया डिम डिम डमरू बजावेला हामार जोगिया शीश गंगा जी के धार सोहे चन्द्रमा
