गौरीनन्दन गजानना
गौरीनन्दन गजानना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
पार्वतीनन्दन शुभानना
पार्वतीनन्दन शुभानना
शुभानना शुभानना
शुभानना शुभानना
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम्
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम् ॥
गौरीनन्दन गजानना
गौरीनन्दन गजानना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
गिरिजानन्दन निरञ्जना
पार्वतीनन्दन शुभानना
पार्वतीनन्दन शुभानना
शुभानना शुभानना
शुभानना शुभानना
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम्
पाहि प्रभो मां पाहि प्रसन्नाम् ॥
सकट चौथ पौराणिक व्रत कथा - राजा हरिश्चंद्र.. (Sakat Chauth Pauranik Vrat Katha)
आरती: श्री शनिदेव - जय जय श्री शनिदेव (Shri Shani Dev Ji)
स्वस्ति / स्वस्तिक मंत्र (Swasti Mantra Or Swastivachan)
Post Views: 420








