वृंदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है ।
वृदावन मेरे बांके बिहारी,
बांके बिहारी की लीला है न्यारी,
ये नैना लड़ाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।
वृंदावन में यमुना किनारा
मेरा डुबकी लगाने को जी चाहता है
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।
वृंदावन में निधिवान है प्यारा
मेरा रास रचाने को जी चाहता है
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।
वृदावन में संत बहुत है,
वृदावन में भगत बहुत है,
संत बहुत है रसिक बहुत है,
शीश झुकाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,
वृदावन जाने को जी चाहता है ।
श्री विन्ध्येश्वरी स्तोत्रम् (Vindhyeshwari Stotram)
सजा दो घर को गुलशन सा: भजन (Sajado Ghar Ko Gulshan Sa)
वृदावन जाने को जी चाहता है,
राधे राधे गाने को जी चाहता है,








