है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
मकसद ऐ जिंदगी का क्यों रखलिया है पैसा
पैसे से सिकंदर ने क्या क्या खरीद लाया
आखरी घडी में पैसा ना काम आये
दो सांस भी मिल जाए होता नहीं है ऐसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
पैसा से कीमती तू बिस्तर खरीद लाया
लाया तू ठाठ तू घर में पर नींद क्यों गवाया
है नींद कीमती पर समझा नहीं तू ऐसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
एक हार की कमी थी बारात घर पे आयी
बेटी न बनी दुल्हन बरात लौट आयी
पैसे की है सगाई आया जमाना ऐसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
पैसा जो पास आया अभिमान लेके आया
उसको भी भूल बैठा जिसने तुझे बनाया
कुछ पा लिया तो कहता कोई न मेरे जैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
समराथल पर गंगा का आगमन ........ समराथल कथा भाग 12
पत्नीं मनोरमां देहि - सुंदर पत्नी प्राप्ति मंत्र (Patni Manoraman Dehi)
महिमा कही ना जाए, बाबा श्याम की: भजन (Mahima Kahi Na Jaye Baba Shyam Ki)
सब जानते हो एक दिन सब छोड़ के है जाना
तन भी ना साथ जाए छूटेगा ये खजाना
फिर किसलिए फड़ी तू करता है पैसा-पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
मकसद ऐ जिंदगी का क्यों रखलिया है पैसा








