सब कुछ नहीं है पैसा – भजन (Sab Kuchh Nahi Hai Paisa)

jambh bhakti logo

है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
मकसद ऐ जिंदगी का क्यों रखलिया है पैसा

पैसे से सिकंदर ने क्या क्या खरीद लाया
आखरी घडी में पैसा ना काम आये
दो सांस भी मिल जाए होता नहीं है ऐसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा

पैसा से कीमती तू बिस्तर खरीद लाया
लाया तू ठाठ तू घर में पर नींद क्यों गवाया
है नींद कीमती पर समझा नहीं तू ऐसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा

एक हार की कमी थी बारात घर पे आयी
बेटी न बनी दुल्हन बरात लौट आयी
पैसे की है सगाई आया जमाना ऐसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा

पैसा जो पास आया अभिमान लेके आया
उसको भी भूल बैठा जिसने तुझे बनाया
कुछ पा लिया तो कहता कोई न मेरे जैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा

हे गौरा के लाल मेरी सुनिए, तेरा भक्त खड़ा तेरे द्वार है: भजन (Hey Gaura Ke Lal Meri Suniye Tera Bhakt Khada Tere Dwar Hai)

हरी हरी भांग का मजा लीजिये: भजन (Hari Hari Bhang Ka Maja Lijiye)

सोवन नगरी समराथल ........समराथल कथा भाग 10

सब जानते हो एक दिन सब छोड़ के है जाना
तन भी ना साथ जाए छूटेगा ये खजाना
फिर किसलिए फड़ी तू करता है पैसा-पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा

है वो भी जरूरी पर सब कुछ नहीं है पैसा
मकसद ऐ जिंदगी का क्यों रखलिया है पैसा

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment