अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
हीरा सा जनम क्यों विरथा गवायों
ना सत्संग कियो हरी गुण गायो
जननी तेरी तुझे फिर ना जनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
अब ना बानी तो,
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
तेरी जवानी भरम भुलानी
गुरु पितु मात की बात मानी
नैया कहो कैसे पार लगेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
अब ना बानी तो,
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
ओ प्राणी तेरी माटी
धरणी गिरत है पतंग ज्यो काटी
माटी में माटी मिल रहेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
गजरा गिर गया जमुना जल में: भजन (Gajara Gir Gaya Jamuna Jal Me)
श्री राम जी का मंदिर बनाएंगे: भजन (Shree Ram Ji Ka Mandir Banayenge)
हम शरण तेरी आए है झुकाने को ये सर - भजन (Hum Sharan Teri Aaye Hai Jhukane Ko Ye Sar)
अब ना बानी तो,
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
नर तन बार बार नहीं मिलता
नर तन बार बार नहीं मिलता








