अब ना बानी तो फिर ना बनेगी – भजन (Ab Naa Banegi Too Phir Na Banegi)

jambh bhakti logo

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

हीरा सा जनम क्यों विरथा गवायों
ना सत्संग कियो हरी गुण गायो
जननी तेरी तुझे फिर ना जनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

अब ना बानी तो,
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

तेरी जवानी भरम भुलानी
गुरु पितु मात की बात मानी
नैया कहो कैसे पार लगेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

अब ना बानी तो,
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

ओ प्राणी तेरी माटी
धरणी गिरत है पतंग ज्यो काटी
माटी में माटी मिल रहेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

दरश एक बार दिखाना रे, शिव शंकर डमरू वाले: भजन (Darsh Ek Bar Dikhana Re Shiv Shankar Damru Wale)

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 11 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 11)

इक दिन वो भोले भंडारी बन करके ब्रज की नारी - भजन (Ik Din Vo Bhole Bhandari Banke Braj Ki Nari)

अब ना बानी तो,
अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता

अब ना बानी तो फिर ना बनेगी
नर तन बार बार नहीं मिलता
नर तन बार बार नहीं मिलता
नर तन बार बार नहीं मिलता

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment