जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया,
सबको बहुत बधाई है,
बहुत बधाई है,
सबको बहुत बधाई है,
जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया,
सबको बहुत बधाई है ॥
मात-पिता को सब समझाया,
मैं हू लीला करने आया,
जैसा कहु वैसा ही करना,
जगत भलाई है ॥
॥ जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया…॥
कैसा किया है जादू कमाल,
छोटे बन गये लड्डू गोपाल,
देखो अंगूठा चूसते,
मोहनी सूरत बनाई है ॥
॥ जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया…॥
बारिश पड़ रही मूसलाधार,
शेष नाग है सेवा दार,
यमूना जी की बाढ़,
ना जाने कहा समाई है ॥
॥ जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया…॥
माँ सरस्वती अष्टोत्तर-शतनाम-नामावली (Sarasvati Ashtottara Shatnam Namavali)
करवा चौथ व्रत कथा: पतिव्रता करवा धोबिन की कथा! (Karwa Chauth Vrat Katha 3)
वनवास जा रहे है, रघुवंश के दुलारे: भजन (Vanvas Ja Rahe Hai Raghuvansh Ke Dulare)
जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैया,
सबको बहुत बधाई है,
बहुत बधाई है,
सबको बहुत बधाई है,
जेल में प्रकटे कृष्ण कन्हैंया,
सबको बहुत बधाई है ॥








