अयोध्या करती है आव्हान,
ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥
अयोध्या करती है आव्हान,
ठाट से कर मंदिर निर्माण,
शीला की जगह लगा दे प्राण,
बिठा दे वहां राम भगवान ।
सजग हो रघुवर की संतान,
ठाट से कर मंदिर निर्माण ।
हिन्दू है तो हिन्दुओ की आन मत जाने दे,
राम लला पे कोई आंच मत आने दे,
कायर विरोधियो को शोर मचाने दे,
जय श्री राम,
कायर विरोधियो को शोर मचाने दे,
लक्ष्य पे रख तू ध्यान ।
अयोध्या करती है आव्हान,
ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥
मंदिर बनाने का पुराना अनुंबध है,
सब तेरे साथ पूरा पूरा प्रबंध है,
कार सेवको के बलिदान की सौगंध है,
जय श्री राम,
कार सेवको के बलिदान की सौगंध है,
बढ़ चल वीर जवान ।
अयोध्या करती हैं आव्हान,
ठाट से कर मंदिर निर्माण ॥
इत शिवसेना उत बजरंग दल है,
दुर्गावाहिनी में शक्ति प्रबल है,
प्रण विश्वहिंदू परिषद का अटल है,
जय श्री राम,
प्रण विश्वहिंदू परिषद का अटल है,
जो हिमगिरि की चट्टान ।
अयोध्या करती है आव्हान
ठाट से कर मंदिर निर्माण ।
यही वो तंत्र है यही वो मंत्र है - भजन (Yahi Wo Tantra Hai Yahi Wo Mantra Hai )
मोहिनी एकादशी व्रत कथा (Mohini Ekadashi Vrat Katha)
जिस दिन राम का भवन बन जाएगा,
उस दिन भारत में राम राज आएगा,
राम भक्तो का ह्रदय मुस्काएगा,
जय श्री राम,
राम भक्तो का ह्रदय मुस्काएगा,
खिलते कमल समान ।
अयोध्या करती है आव्हान
ठाट से कर मंदिर निर्माण ।
सजग हो रघुवर की संतान
ठाट से कर मंदिर निर्माण ।
॥ जय श्री राम ॥








