बांके बिहारी हमें भूल ना जाना,
जल्दी जल्दी वृन्दावन,
हमको बुलाना,
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना ॥
जपते रहे हम नाम तुम्हारा,
छूटे कभी ना हमसे वृन्दावन प्यारा,
होता रहे तेरे दर पे आना जाना,
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना ॥
भक्ति की ऐसी लगन लगा दो,
संतो की सेवा का भाव जगा दो,
हर वर्ष उत्सव अपना यूँ ही मनवाना,
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना ॥
कथा कीर्तन से होता जीवन पवित्र,
साधन बताते यही ‘चित्र विचित्र’,
यूँ ही लुटाना अपनी किरपा का खजाना,
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना ॥
कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 21 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 21)
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आरती होजी समराथल देव, विष्णु हर की आरती देव ........जम्भेश्वर भगवान आरती।
बांके बिहारी हमें भूल ना जाना,
जल्दी जल्दी वृन्दावन,
हमको बुलाना,
बांके बिहारी हमे भूल ना जाना ॥








