बन परदेशिया जे गइल शहर तू
बिसरा के लोग आपन गांव के घर तू
उहे घरवा उहे गलिया पुकारे
छठि मैया रास्ता निहारे
जय हो छठि मैया
बुलावे छठि मैया
अंगना में जीजी संग मौसी
छठि माई के गीत गाए
छठि माई के गीत गाए
अंगना में जीजी संग मौसी
छठि माई के गीत गाए
छठि माई क गीत गाए
सज धज के नयिकी दुल्हिन
पर्व के ठेकुआ बनाए
पर्व के ठेकुआ बनाए
हे छठि मैया होउ ना सहाय
हे छठि मैया होउ ना सहाय
बाबूजी गेलथुन केलवा किनाये
पटना बजरवा से नेमुआ ले आये
फलवा से बबुनी बहंगी सजाए
हो फलवा के भरवा से लचकत जाए
बहंगी लचकत जाए
बहंगी लचकत जाए
पानी में खड़ा होके बरती
मांगे आशीष अपार
मांगे आशीष अपार
सबके सुहागिन रखिह
दिह उमिर हजार
दिह उमिर हजार
हे दीनानाथ सुन ल पुकार
हे दीनानाथ विनती हमार
हे दीनानाथ सुन ल पुकार
हे दीनानाथ विनती हमार
हे दीनानाथ सुन ल पुकार
हे दीनानाथ विनती हमार
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कार्तिक मास माहात्म्य कथा: अध्याय 9 (Kartik Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 9)
पुरा जग से हारे
आए तेरे द्वारे
सुने हैं कि छठि माय
भाग संवारे








