अरे आये रे आये नवरात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे ॥
माँ शेरोवाली की ज्योत जगी है,
दुल्हन सी मैया देखो सजी है,
देवी देवता भी आए है साथ रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे ॥
लाल चुनर माँ को चोला चढ़ाओ,
झूम झूम के भजन माँ के गाओ,
सारे खुशियां मनाओ हाँ आज रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे ॥
माँ शेरावाली से लगन लगा ले,
माँ की शरण में शीश झुका ले,
आज बिगड़ी बनेगी बात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे ॥
अरे आये रे आये नवरात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे,
आज झूमो रे झूमो सारी रात रे ॥
जगन्नाथ भगवान जी का भजन (Jagannath Bhagwan Ji Ka Bhajan)
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 2 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 2)
जाट वर्ग तथा समराथल ...... समराथल कथा भाग 7
दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन








