मन की मुरादें, पूरी कर माँ: भजन (Mann Mi Muraden Poori Kar Maa)

jambh bhakti logo

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।
तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,
हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।

तू है दाती दान देदे,
मुझ को अपना जान कर ।
भर दे मेरी झोली खाली,
दाग लगे ना तेरी शान पर ।
सवा रुपया और नारीयल,
मैं तेरी भेंट चढ़ाउंगी ॥

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।
तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,
हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।

छोटी छोटी कन्याओं को,
भोग लगाऊं भक्ति भाव से ।
तेरा जगराता कराऊं,
मैं तो बड़े चाव से ।
लाल द्वजा लेकर के माता,
तेरे भवन पे लहराउंगी ॥

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।
तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,
हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।

महिमा तेरी बड़ी निराली,
पार न कोई पाया है ।
मैंने सुना है, ब्रह्मा, विष्णु शिव ने,
तेरा गुण गाया है ।
मेरी औकात क्या है,
तेरी माँ बात क्या है,
कैसे तुझ को भुलाउंगी ॥

पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 18 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 18)

बधैया बाजे आँगने में: भजन (Badhaiya Baje Angane Mein)

भजन :- मत ले जिवडा नींद हरामी,कैसो खेल रच्यो मेरे दाता, दो दिन का जग में मेला सब चला ,मोड़ो आयो रे सांवरिया थे म्हारी

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।
तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,
हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।

लाल चोला लाल चुनरी,
लाल तेरे लाल हैं ।
तेरी जिस पर हो दया माँ,
वो तो मालामाल है ।
श्यामसुंदर और लक्खा बालक हैं तेरे,
उनको भी संग मैं लाउंगी ॥

मन की मुरादें, पूरी कर माँ,
दर्शन करने को मैं तो आउंगी ।
तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा,
हलवे का भोग मैं लगाउंगी ।

Picture of Sandeep Bishnoi

Sandeep Bishnoi

Leave a Comment