जय जय गणपति गजानंद,
तेरी जय होवे,
जाऊं तोपे बलिहारी,
तेरी जय होवे,
जय जय गणपति गजानन्द,
तेरी जय होवे ॥
रिद्धि सिद्धि के दाता,
आप कहाते हो,
बिगड़ी हम सब की,
बाबा आप बनाते हो,
जय जय गिरिजा के नंदन,
जय जय गिरिजा के नंदन,
तेरी जय होवे,
जय जय गणपति गजानन्द,
तेरी जय होवे ॥
तेरा गजमुख रूप,
सभी भक्तों को भाया है,
सब देवो ने मिलकर,
गुणगान सुनाया है,
तेरी सुंदर मोहिनी मूरत,
तेरी सुंदर मोहिनी मूरत,
तेरी जय होवे,
जय जय गणपति गजानन्द,
तेरी जय होवे ॥
सेवा में खड़े है तेरी,
आज पधारो जी,
गोते खाये ये नैया,
आज सम्भालो जी,
कही डूब ना जाये जीवन,
कही डूब ना जाये जीवन,
तेरी जय होवे,
जय जय गणपति गजानन्द,
तेरी जय होवे ॥
श्री गायत्री चालीसा (Shri Gayatri Chalisa)
रमा एकादशी व्रत कथा (Rama Ekadashi Vrat Katha)
बम बाज रही भोले की, चारों दिशाएं: भजन (Bam Baj Rahe Bhole Ki Charo Dishaye)
जय जय गणपति गजानंद,
तेरी जय होवे,
जाऊं तोपे बलिहारी,
तेरी जय होवे,
जय जय गणपति गजानन्द,
तेरी जय होवे ॥








