लोरी सुनाए गौरा मैया,
झूला झूले गजानंद,
रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,
रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,
झूला झूले गजानंद,
लोरी सुनाए गोरा मैया,
झूला झूले गजानंद ॥
शिव शंकर का डमरू बाजे,
नारद नाचे नंदी नाचे,
ठंडी ठंडी चले पुरवैया,
ठंडी ठंडी चले पुरवैया,
झूला झूले गजानंद,
लोरी सुनाए गोरा मैया,
झूला झूले गजानंद ॥
कोई पीताम्बर पहनाए,
आँखों में कोई कजरा लगाए,
लागे ना देवा तुमको नजरिया,
लागे ना देवा तुमको नजरिया,
झूला झूले गजानंद,
लोरी सुनाए गोरा मैया,
झूला झूले गजानंद ॥
मंगल गीत यहाँ देवियां गाए,
सुर नर मुनि सब पर्व मनाए,
खुश है निरंजन सारी दुनिया,
खुश है निरंजन सारी दुनिया,
झूला झूले गजानंद,
लोरी सुनाए गोरा मैया,
झूला झूले गजानंद ॥
श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान बिना बादलों के वर्षा कराई.. चमत्कार।
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 1 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 1)
संतोषी माता चालीसा (Santoshi Mata Chalisa)
लोरी सुनाए गौरा मैया,
झूला झूले गजानंद,
रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,
रिमझिम रिमझिम बरसे बदरिया,
झूला झूले गजानंद,
लोरी सुनाए गोरा मैया,
झूला झूले गजानंद ॥








