हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
शंकर सुवन भवानी के नंदन,
गौरी पुत्र गणेश, गौरी पुत्र गणेश,
जो कोई मानव तुझको ध्यावे,
मिट जाए सब क्लेश,
विघ्नविनायक कष्टनिवारक,
हे गणपति गणराज रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
लम्बोदर गजवदनविनायक,
मन में करो बसेरा, मन में करो बसेरा,
दर्शन पाकर तुम्हरा दाता,
हो जाए दूर अँधेरा,
ऐसी शक्ति दे दो मुझको,
जपते रहे तेरा नाम रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
गौरी के तुम पुत्र कहाओ,
मूषक वाहन सवारी, मूषक वाहन सवारी,
भरी सभा में आज तू भगवन,
राखो लाज हमारी,
भक्तन के तुम हो रखवारे,
पुरे करो सब काम रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥
भगवन लौट अयोध्या आए.. (Bhagwan Laut Ayodhya Aaye)
जाम्भोजी के द्वारा बताये गए बिश्नोई समाज के प्रश्न तथा उत्तर
अम्बे रानी ने, अपना समझ कर मुझे: भजन (Ambe Rani Ne Apna Samjh Kar Mujhe)
हे गणनायक जय सुखदायक,
जय गणपति गणराज रे,
गणपति नमः गणपति नमः,
गणपति नमः गणपति नमः ॥








