हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं,
महाकालम नमस्तुभ्यं,
हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
नमस्ते सुरप्रिया धारम,
नमस्ते युग सृजन हारम,
उमा नाथम नमस्तुभ्यं,
हे बाघेश्वर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
नमस्ते पशुपति नाथम,
त्रयम्बक हे भुजंग धारम,
जटा धारम नमस्तुभ्यं,
हे रामेश्वरम नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
नमस्ते नील कंठेश्वर,
नमस्ते ओमकारेश्वर,
‘देवेंद्र कुलदीप’ करे वंदन,
हे करुणाकर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥
निर्माण कालीन समराथल ........समराथल कथा भाग 16
पुरुषोत्तम मास माहात्म्य कथा: अध्याय 29 (Purushottam Mas Mahatmya Katha: Adhyaya 29)
तेरी महिमा सभी ने बखानी: भजन (Teri Mahima Sabhi Ne Bakhani )
हे शिव शम्भू नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं,
महाकालम नमस्तुभ्यं,
हे नंदीश्वर नमस्तुभ्यं,
हे शिव शम्भु नमस्तुभ्यं,
हे गंगाधर नमस्तुभ्यं ॥








